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मार्च 26, 2022 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

मुख्‍य किरदार प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल और तार किशोर प्रसाद हैं। जिन्होंने न सिर्फ सहनी की नाव डुबायी बल्कि योगी की राह में रोड़ा बनने वालों को हश्र भी बता दिया।

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 बीजेपी ने मुकेश सहनी  की नाव डुबोने की स्क्रिप्‍ट पहले ही लिख दी थी।  बस, इसे लागू करना बाकी था। दरअसल, 'सन ऑफ मल्‍लाह' ने अपने पैर पर खुद ही कुल्‍हाड़ी मारी है। गेम तो तभी हो गया था जब मुकेश सहनी ने यूपी विधानसभा चुनाव में योगी आदित्यनाथ के रास्ते में रोड़ा बंनने की कोशिश किया था। आइये बताते है कैसे बीजेपी ने  मुकेश सहनी को उसी के तीर से उसी का शिकार किया। 5 अप्रेल को शंकराचार्य जी का घनश्यमपुर दरभंगा मे दर्शन लाभ व अशीर्वचंन का लाभ अवश्य ले! धर्म सम्राट स्वामी करपात्री जी एवं पुरी शंकराचार्य जी के कृपा प्राप्त आचार्य रामशंकर शुक्ल महाराज जी के श्री मुख से धर्म कथा प्रवचन का आयोजन किया जा रहा है ! हलाकि, पटकथा तो पहले लिखी जा चुकी थी। लेकिन इसके मुख्‍य किरदार प्रदेश अध्‍यक्ष संजय जायसवाल और तार किशोर प्रसाद हैं। जिन्होंने न सिर्फ सहनी की नाव डुबायी बल्कि योगी की राह में रोड़ा बनने वालों को हश्र भी बता दिया। विधानसभा के भीतर अध्यक्ष के चैम्‍बर में वीआईपी के तीनों विधायक स्‍वर्णा सिंह, मिश्री लाल यादव और राजू सिंह की लंबी मुलाकात चली। ये मुलाकात ऐसी ही नहीं थी। वीआईप...