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ग्राम श्री किसान की शुरूआत आज से लगभग पाँच साल पहले हुई।जिसका मुख्य प्रशिक्षण एवं शोध संस्थान पटना के बेलदारी चक मे अवस्थित है।

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 ग्राम श्री किसान । _______________ आलेखक: प्रभाकर चौबे। ( एक छत के नीचे कृषि पशुपालन , मत्स्य, बकरी , मुर्गी , कृत्रिम गर्भाधान , हरेक प्रकार के कृषिउत्पादन ,विपणन प्रबन्धन का प्रशिक्षण,बिक्री हेतु उपकरण, बीज , बाजार , लोन की सुविधा उपलब्ध) ______________ कृषि प्रधान भारत मे जहाँ सत्तर प्रतिशत जनसंख्या कृषि पर आधारित है।संयुक्त परिवारो के विघटन के फलस्वरूप पर्याप्त कृषि भूमि की कमी एवं महंगे हो रहे श्रमशक्ति , कृषि पैदावार मे ऊपज एवं आय की अनिश्चितता की वजह से किसान आत्म हत्या तक करने को मजबूर हुए हैं । भारतीय कृषि व्यवसाय मे आय को दुगनी करने के लक्ष्य को लेकर एक आधुनिक तकनीकी कृषि एवं पशुपालन प्रशिक्षण केन्द्र की जरूरत महसूस की गई। प्रशिक्षण के उपरान्त किये जाने वाले व्यवसाय हेतु पूंजी की उपलब्धता , उत्पादों के व्यवसाय ,पशुपालन व्यवसाय , पशु चिकित्सा की जानकारी ,कृत्रिम गर्भाधान , उन्नत पशुआहार की उपलब्धता के साथ समय समय पर योग्य व्यक्तियो की सलाह की जरूरत को देखते हुए एक छत के नीचे ही सबकुछ उपलब्ध कराने की सोच के तहत आन्त्रप्रेन्योरशीप के रूप मे ग्राम श्री किसान क...