अमेरिका के गुरू महामंडलेश्वर द्वारिका गिरि जी महाराज जिन्हे हनुमानजी की अहैतुकी कृपा प्राप्त है
अमेरिका के गुरू महामंडलेश्वर द्वारिका गिरि जी महाराज जिन्हे हनुमानजी की अहैतुकी कृपा प्राप्त है प्रतिरूप दर्शन भी प्राप्त है। उनका अपने लिए शुभकामनाओ और नाम लेकर उद्बोधन से हर्षित हूँ । ब्राह्मण जातिवादी होते नहीं ।शुद्ध सनातनी होते हैं ।हम कबीरदास, रैदास, चोखामल और शेबरी की भक्ति से परिचित हैं । दलित होने का दर्द हम समझते हैं । लेकिन भक्ति हो तो वही उपेक्षा का दर्द ईश्वर तक पहुंचा देता है।जो भक्ति करेगा वह तो खुद को ईश्वर के समक्ष श्रेष्ठ और गामा पहलवानके रूप मे परिचय तो नही ही देगा। हम अपने घर मे ही कभी कभी दलितो जैसा तिरस्कृत हो चुके हैं और पूजन गृह मे प्रवेश भी रोका गया । पूजा करने मे अधिक जल, फूल ,चन्दन चढाने की वजह से। जब जब ऐसा हुआ खुद को निकृष्ट समझा और आँसु बहाये और ईश्वर को हृदय मे पाया।अगर ईश्वर का कुछ आभाष और प्रतिरूप दर्शन पाया तो दलितो के तरह उपेक्षित होने से उत्पन्न दर्द भरी व्यथा से ही पाया है।हरिजन नाम तो शुद्रो को गांधी जी ने दिया लेकिन हरिजन वे बन नहीं पाये ।दलित ही बने रहना चाहते हैं । इस मानसिकता से ऊबर नही रहे तो मै क्या करूँ ? दलित बनकर तो क...