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निर्देशक अतुल गर्ग इनदिनों अपनी पूरी यूनिट के साथ हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत लाहौल स्पीति में अपनी आगामी फिल्म कश्मीर एनिग्मा ऑफ पैराडाइज की शूटिंग में व्यस्त हैं ।

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 मनाली- लाहौल स्पीति की खूबसूरत वादियों में कश्मीर एनिग्मा ऑफ पैराडाइज के एक्शन सीक्वेंस शूट कर रहे हैं निर्देशक अतुल गर्ग ...! -------------------------------- मनाली 20- 5- 2024 - निर्देशक अतुल गर्ग इनदिनों अपनी पूरी यूनिट के साथ हिमाचल प्रदेश के खूबसूरत लाहौल स्पीति में अपनी आगामी फिल्म कश्मीर एनिग्मा ऑफ पैराडाइज की शूटिंग में व्यस्त हैं । अभी तक लगभग 110 दिनों की शूटिंग इस फ़िल्म की हो चुकी है और अभी भी लगातार इस फ़िल्म की शूटिंग चल रही है । माईनस 3 डिग्री टेम्परेचर के बीच इनदिनों खूबसूरत मनाली ,स्पीति वैली में फ़िल्म का एक्शन सीक्वेंस शूट किया जा रहा है । फ़िल्म के एक्शन मास्टर सुरेंद्र शर्मा ने इस एक्शन सीक्वेंस के बारे में बात करते हुए बताया कि यह एक्शन सीक्वेंस उस समय की कहानी पर फिल्माया गया है जब कश्मीर में राजा हरि सिंह का राज था और उस समय कश्मीर पर कबायली लड़ाकों ने हमला किया था। दरअसल वह एक खूबसूरत सा गांव नदी के किनारे था जो दोनों तरफ से बर्फीली पहाड़ियों और खूबसूरत वादियों से घिरा हुआ प्राकृतिक सौंदर्य के गोद मे अवस्थित था जिसके एक तरफ भारत तो दूसरी तरफ पाकिस्तान का बॉर्डर...

आदि गुरु शंकराचार्य जी के ,जन्म दिवस पर विशेष आलेख।

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भारत की अधिकांश जनता सनातन धर्म से ही नि: सृत बौद्ध दर्शन को धर्म मान चुकी थी।जो सनातन धर्मी थे वे भी भ्रमित हो चुके थे । बौद्ध मत धर्म का रूप ले चुका था और उसे राज्याश्रय प्राप्त था। बौद्ध अपने मूल सनातन को ही नष्ट करने में लग चुके थे और सनातनियों को सता भी रहे थे। सर्वत्र पाखंड फैला था । बौद्ध तंत्र का बोलबाला था। जिस बुद्ध ने मूर्ति पूजा का समर्थन किया न विरोध ।कर्मकांड का समर्थन किया न विरोध। न ही खुद को ईश्वर कहा। कपिल मुनि के संख्या दर्शन को बौद्ध दर्शन के रूप में प्रचारित किया।उन्होंने मात्र जीवन के रहस्य बताए और तृष्णा को ही दुखों का मूल बताया। जो सनातन धर्म का एक दर्शन और जीवन पद्धति मात्रा थी न तो सनातन धर्म मार्ग को छोड़ने की बात कही न खुद छोड़ा। लेकिन उनके शिष्यों ने केजरीवाल बनकर अन्ना को उड़ा दिया। पैगोडा बनने लगे बड़ी बड़ी बुद्ध मूर्तियां जो शांति की जगह रहस्यमयता और भयानकता का प्रदर्शन करने लगी। उनको हिंदू रीति से भोग लगाए जाने लगे । कभी बुद्ध ने ऐसा नहीं कहा था। विष्णु के अवतार होने पर भी उनकी पूजा हिंदू नही करते मात्र संकल्प में बुद्ध अवतार का नाम लेते हैं। हमारे...