महामना मदनमोहन मालवीय जी भारतीय संस्कृति के पुरोधा थे।
भारत रत्न से एक साथ सम्मानित दो महापुरुषों की आज जयंती है।महामना मदन मोहन मालवीय जी और अटल बिहारी वाजपेई जी की जयंती पर विशेष आलेख : महामना मदनमोहन मालवीय जी भारतीय संस्कृति के पुरोधा थे। https://www.youtube.com/@kdbin अधिक देखने के लिए लिंक पर क्लिक कीजिए कांग्रेस के चार बार अध्यक्ष बने । बड़े ही सरल स्वभाव के दृदनिश्चयी ,हिंदुत्ववादी ,सनातनी व्यक्ति थे। गांधी जी ने उनको तथा गोपाल कृष्ण गोखले को अपना गुरु माना था। उन्हें महामना भी गांधी जी ने ही सर्व प्रथम कहा था।और इस रूप में प्रचारित किया।तथा उनको अपना बड़ा भाई मानते थे। मालवीय जी एक चतुर्वेदी ब्राह्मण थे मालव क्षेत्र के मूल निवासी होने के कारण मालवीय टाइटल लगा रखा था।उन्होंने कांग्रेसी संस्कृति में रहकर भी आलोचनाओं के बावजूद काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना की। उसके लिए दान लेने हैदराबाद के निजाम तक पहुंचे। उसने जूते फेंके उस जूते को उन्होंने उठा लिया और बाहर आकर नीलाम करने लगे तब वह शर्मिंदा हुआ और बहुत दान दी।मालवीय जी एक ऐसे स्वतंत्रता सेनानी ...