भोजपुरिट (BhojpuriT) ने पहली बार मे ही कहा ''सइयां मिले लड़कइयाँ''
सिंगापुर एन आर आई शैलेन्द्र द्विवेदी की प्रिया मल्लिक के साथ ''सइयां मिले लड़कइयाँ'' का टीजर आउट भोजपुरिट (BhojpuriT) ने पहली बार मे ही कहा ''सइयां मिले लड़कइयाँ'' साहस सलिल, भोजपुरी; कौन कहता है कि आसमाँ में सुराख़ नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों । यह लोकोक्ति अब भोजपुरिट के माध्यम से भोजपुरी में भी सही तरीके से चरितार्थ होने वाली है । यूँ तो बहुतेरे लोग भोजपुरी गीत संगीत, फ़िल्म में सुधार के लिए प्रयत्नशील हैं लेकिन ये आईआईटियन की सोंच है कि भोजपुरी को अब सिर्फ़ गांवों तक ही सीमित नहीं रखना । भोजपुरी को अब मल्टीसिटी का लैंग्वेज बनाना है, भोजपुरी में ऐसे कंटेंट बनाने हैं कि लोग इसकी भव्यता से आकर्षित हों , इसके समृद्ध इतिहास को , अनूठी शिक्षित सुसज्जित विरासत को लोग इज्जत से देखें । ना कि कोई भी इसे ऐरा गैरा नत्थू खैरा समझता रहे और हम चुपचाप इसे मूकदर्शक की भांति देखते रहें । ऐसा ही प्रयास भोजपुरी माटी के लाल एक आईआईटियन (सॉफ्टवेयर इंजीनियर) सिंगापुर की धरती से अपनी माटी , मातृभाषा के लिए कर रहे हैं । इनका मकसद ही है कि भोजपुरी ग...